Thursday, 27 December 2018

Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935

Government of India act 1935 in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935


Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935
Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935


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नमस्कार दोस्तों मै अनिल बहुगुणा आपके सामने  Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935 की विशेष परीक्षा उपयोगी जानकारी आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ  उम्मीद है कि आप को पसंद आएगी  यह सभी  प्रशन  परीक्षा में आये  तो  कृपया  सभी  प्रशनों  को धयान पूर्वक पढ़ने  की तथा अच्छे से  उसे याद करने  की कोशिस   करें  यह  १०० %  आगामी परीक्षाओं में आपकी सहायता भी करेगी जो इस प्रकार है।

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भारत सरकार अधिनियम 1935

       भारत सरकार अधिनियम 1919 (Government of India act 1935) में यह प्रावधान किया गया था कि इस अधिनियम से हुई प्रगति की समीक्षा के लिए 10 वर्ष के पश्चात एक आयोग गठित किया जाएगा जो इसकी प्रगति के बारे में जांच करेगा किंतु द्वैध शासन की असफलताओं और भारतीयों द्वारा अधिक स्वायत्तता की मांग को ध्यान में रखते हुए 10 वर्ष से पहले ही सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय आयोग का गठन किया गया और इसका जो गठन किया था वह 8 नवंबर 1927 को किया गया इसके अन्य सदस्य थे- लार्ड बर्न,  एडवर्ड के डागान बर्नन हर्माशान सी०आर० एटली जी० आर० लैशफॉक्स और हेम अर्ल कोना थे- इस आयोग के सभी सदस्य अंग्रेज होने के कारण इस आयोग को श्वेत आयोग की संज्ञा दी गई।😎

किसी भारतीय को आयोग में शामिल ना किए जाने के कारण उसका व्यापक विरोध हुआ। भारत सचिव  लार्ड वर्क नहेड ने साइमन कमीशन का विरोध करने वाले नेताओं को संविधान मसौदा तैयार करने की चुनौती दी जिसे कांग्रेस ने स्वीकार करते हुए पंडित मोतीलाल नेहरू के अध्यक्षता  में 10 सदस्य सदस्य नेहरू समिति गठित की गई और नेहरू समिति ने 10 अगस्त 1928 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसे नेहरू रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है इसकी प्रमुख सिफारिशें थी 
  • औपनिवेशिक स्वराज्य 
  • केंद्र में पूर्ण उत्तरदाई शासन
  • प्रांतीय स्वतंत्रता
  • सर्वोच्च न्यायालय की तत्काल स्थापना
  • देशी  रियासत को केंद्र की अधीन लाया जाना 
  • संप्रदाय निर्वाचन प्रणाली की समाप्ति तथा मौलिक अधिकार आदि

नेहरू रिपोर्ट  के विरोध में जिन्ना अपनी 14 सूत्रीय मांग 29 मार्च 1929 को पेश की इसके पश्चात ब्रिटेन में 
1930 में प्रथम गोलमेज सम्मेलन 
1931 में द्वितीय गोल में सम्मेलन 
1932 में तृतीय गोलमेज सम्मेलन 
का आयोजन संवैधानिक सुधारों पर विचार हेतु किया गया अंततः ब्रिटिश सरकार ने 1933 में श्वेत पत्र के माध्यम से नए संविधान की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिस पर  विचार के लिए लार्ड लिंलिथगो की अध्यक्षता में संयुक्त समिति का गठन किया गया इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार विधेयक संसद में पास होने के बाद  4 अगस्त 1935 को ब्रिटिश सम्राट की अनुमति पाकर भारत शासन अधिनियम 1935 बना। भारत शासन अधिनियम 1935 में 321 अनुच्छेद 10 अनुसूचियां और 14 भाग थे।
Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935
Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935

कौन सा अधिनियम प्रस्तावना विहीन था-भारत शासन अधिनियम 1935 (Government of India act 1935) (1919 के अधिनियम की प्रस्तावना इसमें जोड़ दी गई थी) 👌

भारत में संघीय सरकार की स्थापना का प्रस्ताव किस अधिनियम में था- भारत शासन अधिनियम 1935 में।
भारत में संघीय सरकार क्यों नहीं स्थापित की जा सकी-  क्योंकि देसी रियासतें संघ में शामिल नहीं हुई।
केंद्र में द्वैध शासन व्यवस्था किस अधिनियम द्वारा लागू की गयी- भारत सरकार अधिनियम 1935 द्वारा।


 भारत शासन अधिनियम 1935 द्वारा प्रांत में किस प्रकार की शासन व्यवस्था स्थापित की गयी- स्वायत्त शासन व्यवस्था
 भारत शासन अधिनियम 1935 द्वारा केंद्र और प्रांतों में शक्तियों का विभाजन किस रूप में किया गया- 3 निम्न सूचियों में-
  • -संघ सूची 59 विषय
  • प्रांतीय सूची 54 विषय
  • समवर्ती सूची 36 विषय
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1935 के अधिनियम को जिंन्ना ने क्या कहा-  पुण सड़ा और मूल रूप से बुरा कहा था।
संघीय न्यायालय की स्थापना किस अधिनियम के द्वारा की गई- भारत शासन अधिनियम 1935 द्वारा।
संघीय न्यायालय को कौन-कौन सी अधिकारिता प्राप्त हुई थी- प्रारंभिक, अपीलीय तथा परामर्शदात्री की।
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भारत शासन अधिनियम 1935 द्वारा कितने प्रांतों में द्विसदनीय विधानमंडल स्थापित किया गया- 6 प्रांतों में।
भारत परिषद का अंत किस अधिनियम के द्वारा किया गया- भारत शासन अधिनियम 1935 द्वारा।
1935 के अधिनियम के बारे में किसने कहा था कि यह अनेक  ब्रेकों वाली इंजन रहित गाड़ी है- पंडित जवाहरलाल नेहरू ने। 
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भारत शासन अधिनियम 1919 द्वारा सांप्रदायिक निर्वाचन पद्धति का विस्तार कर उसमें किसे शामिल किया गया- आंग्ल भारतीयों ईसाईयों, यूरोपियों, और सिक्खों को।
 भारत शासन अधिनियम 1935 को गुलामी का अधिकार पत्र किसने कहा- पंडित जवाहरलाल नेहरू ने।


 1935 ई० का भारत शासन अधिनियम की मुख्य विशेषताएं/ Importance of government of india act 1935

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  •  अखिल भारतीय संघ- यह संघ 11 ब्रिटिश प्रांतो, 6 चीफ कमिश्नर के क्षेत्रों और उन देशी रियासतों से मिलकर बनना था, जो स्वेच्छा से संघ में सम्मलित हों। प्रांतों के लिए संघ में सम्मिलित होना अनिवार्य था, लेकिन देसी रियासतों के लिय यह एच्छिक था। और देशी रियासतें संघ में सम्मिलित नहीं हुईं तथा प्रस्तावित संघ की स्थापना संबंधी घोषणा-पत्र जारी करने का अवसर ही नहीं आया।
  • प्रांतीय स्वायत्ता- इस अधिनियम के द्वारा प्रांतो में द्वैध शासन व्यवस्था का अंत कर उन्हें एक स्‍वतंत्र संवैधानिक आधार प्रदान किया गया।
  • केंद्र में द्वैध शासन की स्थापना- कुछ संघीय विषयों -सुरक्षा, वैदेशिक संबंध, धार्मिक मामलें को गवर्नर जनरल के हाथों में सुरक्षित रखा गया। अन्य संघीय विषयों की व्यवस्था के लिए गवर्नर-जनरल को सहायता एवं परामर्श देने हेतु मंत्रिमंडल की व्यवस्था की गई, जो व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी था।
  • संघीय न्‍यायालय की व्यवस्था- इसका अधिकार क्षेत्र प्रांतों तथा रियासतों तक विस्तृत था। इस न्यायलय में एक मुख्य न्यायाधीश तथा दो अन्य न्यायाधीशों की व्यवस्था की गई।
  •  ब्रिटिश संसद की सर्वोच्चता- इस अधिनियम में किसी भी प्रकार के परिवर्तन का अधिकार ब्रिटिश संसद के पास था। प्रांतीय विधान मंडल और संघीय व्यवस्थापिका: इसमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं कर सकते थे।
  • भारत परिषद का अंत- इस अधिनियम के द्वारा भारत परिषद का अंत कर दिया गया।
  • सांप्रदायिक निर्वाचन पद्धति का विस्तार- संघीय तथा प्रांतीय व्यवस्थापिकाओं में विभिन्न सम्प्रदायों को प्रतिनिधित्व देने के लिए सांप्रदायिक निर्वाचन पद्धति को जारी रखा गया।
  • इसके द्वारा बर्मा को भारत से अलग कर दिया गया, लंदन को इंग्लैंड के औपनिवेशिक कार्यालय के अधीन कर दिया।👇👇

1937 का प्रांतीय चुनाव 

Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935
Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935

     भारत शासन अधिनियम 1935 के अधीन फरवरी 1937 में 11 प्रांतों में प्रांतीय विधान मंडलों के चुनाव कराए गए चुनाव में कांग्रेस को भारी सफलता प्राप्त हुई और उसने कुल 1585 सीटों में से 711 सीटें जीतकर 5 प्रांतों में (मद्रास, बिहार, उड़ीसा, और मध्य प्रांत एवं संयुक्त प्रांत) पूर्ण बहुमत प्राप्त किया।💪💪

मुख्यमंत्री कौन थे - गोविंद बल्लभ पंत
विधि तथा न्याय मंत्री कौन थे- के0 एन0 काटजू 
वित्त मंत्री कौन थे - रफी अहमद किदवई

  28 माह तक शासन में रहने के बाद अक्टूबर 1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडल ने 8 प्रांतों में निम्न दो कारण से सामूहिक त्यागपत्र दे दिया-
  • बिना कांग्रेस के सहमति के कारण द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल किया जाना
  • कांग्रेस के युद्ध की उद्देश्य की घोषणा तथा युद्ध उपरांत भारत की स्वतंत्रता की मांग की उपेक्षा की गई थी

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मुस्लिम लीग ने मुक्ति दिवस के रूप में कब मनाया- 22 दिसंबर 1939 को कांग्रेस मंत्रिमंडल के त्यागपत्र के पश्चात।
मुस्लिम लीग ने 22 दिसंबर 1939 को मुक्ति दिवस के रूप में मनाया इसमें उनका साथ किसने दिया- आंबेडकर ने।
अगस्त प्रस्ताव कब पास किया गया- 8 अगस्त 1940 को
व्यक्तिगत सत्याग्रह कब शुरू किया गया - 17 अक्टूबर 1940 को
व्यक्तिगत सत्याग्रह कहाँ  शुरू किया गया- पवनार आश्रम महाराष्ट्र से शुरू किया गया

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 व्यक्तिगत सत्याग्रह के प्रथम सत्याग्रही कौन थे- आचार्य विनोबा भावे
 व्यक्तिगत सत्याग्रह के दूसरे सत्याग्रही कौन थे- जवाहर लाल नेहरू थे
 इस आंदोलन को और किस नाम से जाना जाता है- दिल्ली चलो आंदोलन

1937 के प्रांतीय चुनाव में कांग्रेस ने कितने प्रांतों में पूर्ण बहुमत शादी किया था- 5 प्रांतों में।
 1937 में पंजाब में किसके नेतृत्व में यूनियनिस्ट पार्टी ने सरकार बनाई थी- सिकंद हयात खान के 
1935 के चुनाव में कांग्रेस का चुनाव चिन्ह क्या था- पीला बक्सा 
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क्षेत्रीय पार्टियों के रूप में 1937 में मुंबई में इंडिपेंडेंस पार्टी - डॉक्टर अंबेडकर के द्वारा ।
बंगाल में कृषक प्रजा पार्टी जीता फजलुल हक के द्वारा ।
पंजाब में यूनियनिस्ट पार्टी की स्थापना किसके द्वारा की गई थी- अपसर हुसैन के द्वारा।
सिंध में अब्दुल्ला हारून ने 1937 में किस क्षेत्रीय दल की स्थापना की थी- स्वतंत्र दल  की

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 1937 के चुनाव में कांग्रेस ने कितने प्रांत में अपनी सरकार बनाई थी-6 प्रांतों में
मुस्लिम लीग को 1937 में किस प्रांत में सबसे अधिक सीटें प्राप्त हुई थी- बंगाल में (40)
संयुक्त प्रांत उत्तर प्रदेश में किसके नेतृत्व में 1937 में सरकार का गठन किया गया था- जी बी पंत के नेतृत्व में।

Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935
Government of India act 1935 GK in Hindi /भारत शासन अधिनियम 1935

संविधान सभा की प्रथम बैठक कब हुई थी- 9 दिसंबर 1946 को
संविधान सभा की प्रथम बैठक कहां हुई थी-नई दिल्ली में हुई थी
संविधान सभा की स्थापना कब की गई थी- 9 दिसंबर 1946 को
संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष किसे चुना गया था- डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को 

विधान सभा का स्थाई सदस्य चुना गया- डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को
विधान सभा का स्थाई सदस्य कब चुना गया- 11 दिसंबर 1946 को
उद्देश्य प्रस्ताव में कुल कितने अनुच्छेद थे - आर्ट 13 दिसंबर 1946 को 
उद्देश्य प्रस्ताव किसने प्रस्तुत किया था- पंडित जवाहरलाल नेहरू ने

उद्देश्य प्रस्ताव को संविधान सभा द्वारा कब स्वीकृति प्रदान की गई- 22 जनवरी 1947 को
स्वतंत्र भारत की संविधान सभा का अध्यक्ष कौन था -डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद
डॉक्टर अंबेडकर की अध्यक्षता में 7 सदस्य प्रारूप समिति का गठन कब किया गया था- 29 अगस्त 1947 को



भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास–Constitutional Development of India👉 ...1947 ई० का भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम.....



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